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खराब मौसम की वजह से क्रैश हुआ CDS रावत का चॉपर, महीने भर बाद आई रिपोर्ट में खुलासा: सूत्र

तमिलनाडु में पिछले आठ दिसंबर को हुए हेलीकॉप्टर हादसे में CDS बिपिन रावत और उनकी पत्नी समेत 14 लोगों की मौत के करीब एक महीने बाद इससे जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। इस घटना की जांच के लिए गठित की गई समिति के हवाले से सूत्रों ने बताया है कि ऐसा हो सकता है कि खराब मौसम के चलते ही यह हेलीकॉप्टर हादसा हुआ है। जांच समिति जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगी और हाल ही में यह संभावना भी जताई गई थी कि जल्द ही इसका कारण सामने आएगा।

दरअसल, एनडीटीवी ने अपनी एक रिपोर्ट में ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी और 11 अन्य अधिकारियों की दुर्घटना की जांच लगभग पूरी हो चुकी है और यह जल्द ही प्रस्तुत की जाएगी। हालांकि जांच या उसकी रिपोर्ट पर ना तो वायु सेना और ना ही सरकार ने अभी तक कोई बयान दिया है लेकिन सूत्रों का कहना है कि दुर्घटना का कारण खराब मौसम हो सकता है। इस पर भी अब तक कोई बयान या स्पष्टीकरण नहीं आया है।

सूत्रों ने यह भी बताया कि एयर मार्शल मानवेंद्र सिंह के नेतृत्व वाली जांच टीम ने हादसे के लिए जिम्मेदार संभावित मानवीय त्रुटि सहित सभी संभावित पहलुओं की छानबीन की है। विशेषज्ञों ने यह भी जांच की है कि जब हेलीकॉप्टर उतरने की तैयारी कर रहा था, तब चालक दल के दिशाभ्रमित होने का कहीं यह मामला तो नहीं है। इस बारे में जल्द ही आधिकारिक खुलासा हो सकता है।

फिलहाल ‘कोर्ट ऑफ इनक्वायरी’ के निष्कर्ष और उसके द्वारा अपनाई गई प्रकिया की कानूनी पड़ताल की जा रही है। कानूनी पड़ताल यह सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है कि जांच टीम ने सभी निर्धारित नियमों एवं प्रक्रिया का पालन किया हो। उधर हादसे के संभावित कारणों के बारे में पूछे जाने पर कई विमानन विशेषज्ञों ने कहा है कि पायलट के परिस्थितिजन्य जागरूकता खोने से दृश्य भ्रम होने पर कई हवाई दुर्घटनाएं होने के उदाहरण हैं।

बता दें कि दिसंबर को देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत और 11 अन्य अफसरों और सहयोगियों के साथ मौत हो गई। तमिलनाडु के सुलूर एयर बेस से वायुसेना के मी-17वी5 हेलिकॉप्टर से ऊंटी के करीब वेलिंग्टन में डिफेंस सर्विस स्टाफ कॉलेज जाते समय उनका हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।

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