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पीयूष गोयल ने पूछा- मार्शल का गला दबाना, चेयर पर हमला, लेडी मार्शल पर अटैक, रस्सी का फंदा फेंकना, राहुल गांधी बताएं- क्या ये सही है?

विपक्ष लगातार राज्यसभा के 12 सांसदों के निलंबन को रद्द नहीं किए जाने के खिलाफ विरोध जता रहा है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत तमाम विपक्षी पार्टियों ने साफ तौर पर मांफी मांगने से इनकार कर दिया है. इस बीच केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने विपक्ष पर करारा हमला बोला है. उन्होंने पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से सवाल पूछते हुए कहा, कांग्रेस के सदस्यों ने जो किया, LED Screen तोड़ने की कोशिश की, लेडी मार्शल पर हमला किया. चेयर पर अटैक किया, पेपर फेंके. रस्सी का फंदा फेंका गया. क्या राहुल गांधी मानते हैं कि ये सब उन्होंने ठीक किया. महाराष्ट्र में कांग्रेस की सरकार ने विपक्षी दलों के सदस्यों के साथ क्या किया. इसके बाद भी ये लोग माफी मांगने को तैयार नहीं हैं.

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, दुर्भाग्य है कि अनाप शनाप आरोप लगाए जा रहे हैं. एक सदस्य कह रहे है कि संख्या समीकरण के लिए किया गया जबकि दोनों सदनों में हमारे पास आंकड़े हैं.डोला सेन ने फांसी का फंदा लेकर एक दूसरे सदस्य के गले में लगाकर घुमाया.दो सदस्य विडियो रिकॉर्डिंग कर रहे है. डोला सेन ने मुझे और प्रह्लाद जोशी को निकलने से रोका. जिन सांसदों को निलंबित किया गया है अगर वो अपने व्यवहार के लिए माफ़ी माँगे सदन और सभापति से, साथ ही सदन को सुचारु रूप से चलाने में सहयोग करे तो सदन वापिस लेने का निर्णय कर सकती है.

बैठक में कांग्रेस के अलावा कई और दलों के नेता भी हुए शरीक

विपक्षी की बैठक राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के दफ्तर पर हुई. इस बैठक में कांग्रेस के अलावा कई और दलों के नेता भी शरीक हुए. निलंबन मामले पर विपक्षी दल राज्य सभा के सभापति वैंकैया नायडू से मिलने पहुंचे. बता दें बैठक में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी मौजूद रहे. वहीं इस मीटिंग में भाग लेने के लिए प्रैयंका चतुर्वेदी को कमरे में जाने से रोका गया. आशंका जताई जा रही है कि विपक्ष नेता शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन विपक्षी सांसदों के निलंबन के विरोध में पूरे सत्र का बहिष्कार करने का ऐलान करेंगे.

विपक्षी दलों ने बैठक के दौरान कहा, सांसदों का निलंबन वापस नहीं होता है तो आज राज्यसभा की कार्यवाही का बहिष्कार विपक्ष तो करेगा ही आगे भी बहिष्कार करने की रणनीति बनाया है.वहीं केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा, कल भी हमने उनसे कहा कि आप लोग माफी मांग लीजिए, खेद व्यक्त कीजिए. लेकिन उन्होंने इसे खारिज कर दिया, साफ इनकार किया. इसलिए मज़बूरी में हमें ये फैसला लेना पड़ा. उन्हें सदन में माफी मांगनी चाहिए.

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