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मायावती का ऐलान- सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ेगी BSP, SP-RLD गठबंधन को मात देने का ये है प्लान

BSP सुप्रीमो मायावती (BSP Supremo Mayawati) ने मंगलवार को ऐलान कर दिया कि पार्टी सभी 403 सीटों पर यूपी विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) लड़ने वाली है. उन्होंने किसी भी अन्य पार्टी से गठबंधन से इनकार कर दिया और कहा कि साल 2007 की तरह ही इस बार भी अगर उन्हें सत्ता मिलती है तो वे सभी वर्गों का ध्यान रखेंगी. मायावती ने आज अतिपिछड़ा वर्ग, मुस्लिम समाज और जाट समुदाय के पार्टी के नेताओं की बड़ी बैठक लखनऊ में बुलाई है, इसे अखिलेश-जयंत के गठबंधन की काट की तरह देखा जा रहा है.

इस बैठक में उन्‍होंने नेताओं को अपने-अपने समाज के लिए रिजर्व सीटों पर पार्टी का आधार मजबूत करने का जिम्‍मा सौंपा. इस मौके पर आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में बसपा सुप्रीमो ने एक बार फिर यूपी की सभी 403 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया और भरोसा जताया कि प्रदेश में 2007 की तरह एक बार फिर पूर्ण बहुमत की बसपा सरकार बनेगी. मायावती ने इस दौरान प्रदेश और केंद्र सरकार भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों को आरक्षण बाबा साहेब की देन है, लेकिन यूपी में आरक्षण को प्रभावहीन करने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार भी जातिगत जनगणना नहीं करवा रही.

जाट, मुस्लिम और अतिपिछड़ा समुदाय के लोग बसपा से जुड़े

मायावती ने बताया कि इसके पहले उन्‍होंने अतिपिछड़ा वर्ग, मुस्लिम समाज और जाट समुदाय के पार्टी पदाधिकारियों को सामान्‍य सीटों पर अपने समाज के लोगों को पार्टी से जोड़ने की जिम्‍मेदारी सौंपी थी जिसकी समीक्षा वह पिछले महीने कर चुकी हैं. उन्‍होंने कहा कि इन वर्गों के लोग बड़ी संख्‍या में बसपा से जुड़े हैं. उन्‍होंने कहा कि आज देश के दलितों, अति पिछड़ों और आदिवासियों को यदि आरक्षण का अधिकार प्राप्‍त है तो इसके पीछे बाबा साहब भीमराव आंबेडकर का ही योगदान है. उन्‍होंने ही संविधान अनुच्‍छेद 340 के तहत इसका प्रावधान किया.

सपा-कांग्रेस पर बोला हमला

कांग्रेस और भाजपा पर हमलावर मायावती ने कहा कि यह दुख की बात है कि केंद्र में सबसे ज्‍यादा समय तक राज करने वाली कांग्रेस ने मंडल कमीशन की सिफारिशों को ठंडे बस्‍ते में डाले रखा जिसे बाद में बीएसपी ने अथक प्रयास करके वीपी सिंह सरकार से लागू करवाया. उन्‍होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकारें नए-नए नियम-कानून और कोर्ट-कचहरी के जरिए आरक्षण को प्रभावहीन बनाने के प्रयास में जुटी रहती हैं. इसके साथ ही दलितों-आदिवासियों के साथ जुल्‍म ज्‍यादती भी खत्‍म नहीं हुई है. बसपा ओबीसी समाज की जातीय जनगणना की मांग से पूरी तरह सहमत है जिसे केंद्र सरकार नज़रअंदाज करती आ रही है.

‘बीजेपी से जनता दुखी है’

उन्‍होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार की वजह से मुस्लिम समाज के लोग दु:खी हैं, उनकी तरक्‍की बंद है. फर्जी मुकदमों के जरिए उनका उत्‍पीड़न किया जा रहा है. उनके प्रति बजेपी का सौतेला रवैया साफ नज़र आता है. उन्‍होंने कहा कि बसपा की सरकार बनने पर ऐसे सभी वर्गों का ख्‍याल रखा जाएगा. मायावती ने कहा कि बसपा की कोशिश है कि प्रदेश की सभी सुरक्षित विधानसभा सीटों पर पार्टी की जीत हो. इसके लिए वे खुद ही चुनाव तैयारियों की समीक्षा करेंगी. एक सवाल के जवाब में उन्होंने साफ़ किया कि वे गठबंधन नहीं करेंगी. वे प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेंगी. मायावती ने कहा कि जनता आज उनकी सरकार को याद कर रही है. 2022 में एक बार फिर पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आएगी.

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