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ग्रुप कैप्टन वरुण के गांव में मांगी जा रही उनकी सलामती की दुआ, CM योगी बोले-परिवार के साथ खड़ी है सरकार

तमिलनाडु के कुन्नूर में क्रैश हुए हेलिकॉप्टर में देवरिया के रहने वाले शौर्यचक्र विजेता वरुण सिंह भी सवार थे। इस हादसे में एकमात्र वही जीवित बचे हैं। ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह की सलामती के लिए उनके पैतृक गांव में लोग अनुष्ठान कर रहे हैं। वहीं गुरुवार की दोपहर सीएम का सांत्वना संदेश लेकर डीएम आशुतोष निरंजन और एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र उनके घर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने इस घड़ी में परिवार के साथ संवेदना जताई है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश सरकार परिवार के साथ खड़ी है।

रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र के कन्हौली गांव के रहने वाले वरुण सिंह (40) पुत्र कर्नल केपी सिंह वायुसेना में ग्रुप कैप्टन हैं। वर्तमान में उनकी तैनाती तमिलनाडु के वेलिंग्टन में है। वहीं पर उनके साथ में उनकी पत्नी गीतांजलि और एक बेटा व बेटी भी रहते हैं। उनके पिता कर्नल केपी सिंह सेना से रिटायर्ड हैं। हादसे के बाद से गांव में मातम पसरा हुआ है। गांव के लोग उनकी सलामती के लिए लगातार दुआएं मांग रहे हैं।

गुरुवार की सुबह गांव की महिलाओं ने जहां पूजा पाठ किया वहीं पुरुषों ने गांव के संकट मोचन मंदिर पर मानस पाठ किया। ग्रुप कैप्टन के घर पर शुभचिंतकों के पहुंचने का क्रम लगातार जारी है। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और रुद्रपुर से विधायक रहे वरुण सिंह के चाचा अखिलेश प्रताप सिंह ने बताया कि वेलिंग्टन से वरुण को एअर एंबुलेंस से बेग्लौर भेजे जाने की जानकारी मिली है। उनके साथ भाई अनुज सिंह मौजूद हैं।

तमिलनाडु के वेलिंग्टन में तैनात थे वरूण

क्रैश हुए हेलीकॉप्टर में देवरिया के रहने वाले वरुण सिंह भी सवार थे। इस हादसे में एकमात्र वही जीवित बचे हैं। हादसे की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया। वरुण सिंह एअर फोर्स में ग्रुप कैप्टन के पद पर तैनात हैं। रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र के कन्हौली गांव के रहने वाले वरुण सिंह (40) पुत्र कर्नल केपी सिंह वायुसेना में ग्रुप कैप्टन हैं। वर्तमान में उनकी तैनाती तमिलनाडु के वेलिंग्टन में है। वहीं पर उनके साथ में उनकी पत्नी और एक बेटा व बेटी भी रहते हैं। उनके पिता कर्नल केपी सिंह सेना से रिटायर्ड हैं। उन्होंने मध्यप्रदेश के भोपाल में अपना मकान बनवा रखा है। वह पत्नी उमा सिंह के साथ वहीं पर रहते हैं जबकि वरुण सिंह के भाई तनुज सिंह नेवी में अधिकारी हैं।

बुधवार की सुबह वायुसेना का जो एमआई-17 वी-5 हेलीकॉटर क्रैश हुआ उसमें सीडीएस जनरल विपिन रावत के साथ ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह भी सवार थे। वह भी जनरल विपिन रावत के साथ कोयम्बटूर के सुलुर से वेलिंग्टन में डीएससी की ओर जा रहे थे। हादसे की खबर बुधवार की दोपहर बाद परिवार के लोगों को मिली तो यहां भी कोहराम मच गया। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता व रुद्रपुर से विधायक रहे वरुण सिंह के चाचा अखिलेश प्रताप सिंह उस समय क्षेत्र में थे। घटना की जानकारी मिलते ही वह समर्थकों के साथ अपने घर कन्हौली चले गए।

उन्होंने बताया कि हादसे में वरुण गंभीर रूप से घायल होने की सूचना मिली है। सेना की तरफ से घटना की जानकारी परिवार को दी गई है। हादसे के बाद से वरुण की पत्नी उनके साथ अस्पताल में हैं। परिवार के अन्य लोग भी वहां के लिए रवाना हो रहे हैं।

राष्ट्रपति के हाथों शौर्य चक्र से सम्मानित हैं वरुण सिंह

ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह को शौर्य चक्र मिल चुका है। उन्होंने दस हजार फुट की ऊंचाई से विमान को सुरक्षित उतार कर लोगों की जान बचाई थी। राष्ट्रपति रामनाथ ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह 12 अक्टूबर 2020 को फ्लाइट कॉम्पेट एयरक्राफ्ट के साथ उड़ान पर थे। विमान करीब दस हजार फुट की ऊंचाई पर उड़ान पर था। तभी एकाएक फ्लाइट कन्ट्रोल सिस्टम खराब हो गया। उस विषम परिस्थिति में बिना धबराए अपने अदम्य साहस, संयम और कुशाग्र बुद्धि का प्रयोग करते हुए विमान को आबादी से दूर ले जाकर लैण्ड कराया। जिससे हजारों लोगों की जान बच गई। इस साहसिक कार्य के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द 15 अगस्त 2021 को उन्हें शौर्य चक्र देकर सम्मानित किए थे। पूर्व विधायक अखिलेश प्रताप सिंह ने बताया कि कुशाग्र बुद्धि के चलते वरुण सिंह अपनी शिक्षा नेशनल डिफेंस एकेडमी एनडीए से प्राप्त करने के बाद भारतीय वायु सेना में पायलट के रूप से भर्ती हो गए। वरुण को वेस्ट पायलट का भी एवार्ड मिल चुका है।

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