उत्तर-प्रदेश

उन्नाव की भगवंतनगर सीट से BJP ने आशुतोष शुक्ला को मैदान में उतारा, अटकलों के बीच जारी हुई सूची; 3 फरवरी तक होगा नामांकन

उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में उन्नाव जिले में सपा,बसपा,कांग्रेस और बीजेपी ने अपने प्रत्याशियों को मैदान में उतार दिया है. वहीं, दोपहर में सपा ने बांगरमऊ सीट पर डॉक्टर मुन्ना अल्वी को प्रत्याशी बनाया है. इसी अटकलों के बीच फंसी भगवंतनगर विधानसभा सीट पर बीजेपी ने भी अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है और यहां से आशुतोष शुक्ला को प्रत्याशी बनाकर मैदान में उतारा है. बता दें कि इस सीट पर वर्तमान में विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित विधायक हैं.

दरअसल, उन्नाव जिले की भगवान नगर क्षेत्र के रहने वाले आशुतोष शुक्ला साल 2007 में बसपा सीट से विधानसभा का चुनाव लड़े थे, लेकिन जीत हासिल नहीं कर सके थे. उसके बाद से लगातार वह राजनीति में सक्रिय थे. वहीं, पिछले 2017 के चुनाव में उन्हें टिकट नहीं मिला था. हालांकि उसके बाद भी वह बीजेपी के कार्यकर्ता के रूप में लगातार क्षेत्र में लोगों के बीच जा रहे थे. मगर, इस बार बीजेपी ने आशुतोष शुक्ला पर भरोसा जताया है और उन्हें भगवंत नगर सीट से प्रत्याशी बनाकर मैदान में उतारा है.

वर्तमान में विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित है विधायक

वहीं, भगवंत नगर विधानसभा क्षेत्र की वर्तमान में इस सीट पर उत्तर प्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित विधायक है. बताया जा रहा है कि इस सीट पर कई दिग्गज और प्रभावशाली नेता अपने चहेतों को टिकट दिलाने के लिए कई दिनों से पुरजोर कोशिश में लगे थे. अंदरखाने की बात माने तो विधानसभा अध्यक्ष अपने बेटे को भी टिकट दिलाना चाह रहे थे. लेकिन अब बीजेपी ने आज तो शुक्ला पर भरोसा जताया है अब देखना यह होगा कि इस सीट पर सफलता किसकी हासिल होगी. इसका रिजल्ट 10 मार्च को ही पता चलेगा. हालांकि विधायक ह्रदय नारायण दीक्षित लंबे समय से सक्रिय राजनीति में हैं. वह 1985 में पुरवा से निर्दलीय जीते, 1989 में जनता दल, 1991 में जनता पार्टी, 1993 में सपा से चुनाव जीते थे. साल 2017 के चुनाव में बीजेपी ने उन्हें भगवंतनगर से उतारा और वह चुनाव जीतकर फिर विधानसभा पहुंचे. हालांकि अब आशुतोष शुक्ला को बीजेपी ने टिकट देकर मैदान में उतारा है.

जानिए भगवंत नगर विधानसभा क्षेत्र की खासियत

बता दें कि सिद्धपीठ चंद्रिका देवी बक्सर धाम, राजा रावराम बक्श सिंह स्मारक डौंडिया खेड़ा, पाटन का तकिया मेला, साहित्यकार पं. सूर्यकांत त्रिपाठी निराला, शिवमंगल सिंह सुमन, बैजेगांव बेथर के हिंदी के पुरोधा पं. प्रताप नारायण मिश्र, कवि पं. गया प्रसाद शुक्ल सनेही, हास्य कवि काका बैसवारी, मगरायार के बलई काका, अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद का गांव बदरका, मानपुर में राजकीय पालीटेक्निक है. वहीं, विधानसभा क्षेत्र में कुल मतदाता- 406823 मतदाता है. जिसमें पुरुष- 220490, महिला-186328 और अन्य 05 है. हालांकि साक्षरता दर 79 फीसदी है.

जानिए अब तक कितने विधायकों ने जीत की दर्ज

गौरतलब है कि उन्नाव जिले की भगवंत नगर विधानसभा सीट से साल 1957 भगवती सिंह प्रजातांत्रिक सोशलिस्ट पार्टी से जीते थे. वहीं, 1962 में देवदत्त कांग्रेस से, फिर दोबारा से 1967 भगवती सिंह प्रजातांत्रिक सोशलिस्ट पार्टी से जीते. इसके बाद 1969 में भगवती सिंह कांग्रेस से, 1974 भगवती सिंह कांग्रेस, 1977 देवकी नंदन जनता पार्टी से और 1980 भगवती सिंह कांग्रेस, फिर 1985 भगवती सिंह कांग्रेस. इसके बाद बीजेपी से 1989 में देवकी नंदन जीते और 1991 भगवती सिंह काग्रेस. इसके अलावा 1993 देवकी नंदन बीजेपी. वहीं, साल 2002 में बसपा पार्टी के उम्मीदवार नत्थू सिंह ने जीत दर्ज की, जिसके बाद साल 2007 कृपाशंकर सिंह बसपा के टिकट पर जीत दर्ज की. वहीं, 2012 में कुलदीप सेंगर ने सपा से चुनाव जीता था. इसके बाद साल 2017 में ह्रदयनारायण दीक्षित बीजेपी से चुने गए थे.

जानें भगवंत नगर विधानसभा का जातीय अनुमानित समीकरण

वहीं, इस विधानसभी सीट पर ब्राह्मण-70 हजार है. और क्षत्रिय-48 हजार है. इसके अलावा रैदास-44 हजार, रावत-36 हजार और कुर्मी- 34 हजार है, मगर महज 31 हजार ही है. जहां विधानसभा क्षेत्र में लोधी भी 36 हजार है. इसके अलावा महज 23 हजार ही मुस्लिम है.

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