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मनीष गुप्ता मर्डर केस की तह तक जाएगी CBI, दोस्त प्रदीप से 9 घंटे हुई पूछताछ; अब हो सकता है सीन-रिक्रिएशन

यूपी के गोरखपुर में कानपुर के प्रॉपर्टी डीलर मनीष गुप्ता हत्याकांड मामले की गुत्थी सुलझाने का नाम नहीं ले रही है. गुरुवार को CBI ने मनीष के दूसरे दोस्त प्रदीप सिंह से करीब 9 घंटे तक पूछताछ की. तीन रांउड चली पूछताछ के दौरान CBI ने प्रदीप से घटनावाली रात की पूरी कहानी समझने का प्रयास किया. इस दौरान CBI ने एक पहले यानी बुधवार को मनीष के दोस्त हरबीर सिंह से पूछताछ में मिले जवाबों का मिलान करने की कोशिश की. जानकारी के मुताबिक, प्रदीप ने मनीष की मौत का कारण पुलिस की पिटाई बताई. पर पिटाई कब, कैसे और किसने की, इस बारे में वह कुछ नहीं बता सका. वहीं, इससे पहले पूछताछ में हरबीर ने पुलिस की पिटाई अपनी आंख से देखे जाने की बात से इन्कार किया था. हरबीर का कहना था कि घटना के समय पुलिस वाले उसे थप्पड़ मारते हुए होटल से बाहर ले गई थी.

होगा सीन-रिक्रिएट

सूत्रों की मानें तो, बहरहाल अब CBI मनीष के दोनों दोस्त हरबीर सिंह और प्रदीप सिंह को लेकर जल्द ही गोरखपुर जाएगी. यहां टीम दोनों के साथ एक बार क्राइम सीन रिक्रिएट करेगी. इसके बाद फिर आगे की जांच होगी. उधर, एक दिसंबर को आरोपियों की न्यायिक हिरासत पूरी होगी. लिहाजा उससे पहले CBI गोरखपुर पहुंच जाएगी.

2 नवंबर से CBI कर रही है वारदात की जांच

27 सितंबर को हुई इस घटना की 2 अक्टूबर से जांच पहले SIT कानपुर ने की. लेकिन परिवार को इस पर भरोसा नहीं था. मृतक की पत्नी मीनाक्षी गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट में अपील कर CBI जांच की मांग की थी. कोर्ट के फैसले से पहले ही 2 नवंबर को इस मामले में CBI ने केस दर्ज कर लिया. कानपुर में मीनाक्षी से केस की जानकारी लेकर CBI टीम 11 नवंबर को गोरखपुर पहुंची. 18 नवंबर तक CBI ने इस केस से जुड़े तमाम लोगों से गोरखपुर में पूछताछ की. इनमें होटल मालिक, कर्मचारी, रामगढ़ताल थाने की पुलिस के अलावा मनीष के गोरखपुर में मौजूद दोस्तों से CBI ने कई राउंड पूछताछ की.

एक दिसंबर तक गोरखपुर जेल में ही रहेंगे आरोपी पुलिसवाले

मामले में आरोपी 6 पुलिसवाले एक दिसंबर तक गोरखपुर जेल में ही रहेंगे. सीबीआई ने उनकी न्यायिक हिरासत बढ़ाने का सीजीएम कोर्ट से अनुरोध किया था जिसे स्वीकार कर लिया गया. बता दें, 2 नवंबर को CBI ने मनीष गुप्ता का केस अपने हाथ में लेते हुए मुकदमा दर्ज किया था. 3 नवंबर को गोरखपुर जेल में बंद आरोपित पुलिसवालों की न्यायिक हिरासत खत्म हो रही थी. तब SIT कानपुर ने न्यायिक हिरासत बढ़ाने का अनुरोध किया था. 11 नवंबर से गोरखपुर आई CBI टीम केस से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही है. टीम ने अभी उन लोगों से पूछताछ की है जिनकी सीधे तौर पर कोई भूमिका तो नहीं है पर उनके जरिये घटना के बारे में जानने का प्रयास किया है.

टाइमलाइन में समझे मामला

  1. 27 सितंबर की देर रात गोरखपुर के होटल में पुलिस वालों पर मनीष को पीट-पीटकर मारने का आरोप लगा.
  2. 28 सितंबर को पोस्टमॉर्टम के बाद तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या की FIR, 6 को सस्पेंड किया गया.
  3. 29 सितंबर की सुबह परिजन शव लेकर कानपुर पहुंचे. सीएम से मिलने की जिद पर अड़े थे. अंतिम संस्कार करने से भी इनकार किया.
  4. 30 सितंबर को प्रशासन के आश्वासन के बाद सुबह 5 बजे मनीष का अंतिम संस्कार किया गया. फिर उसी दिन सीएम ने मनीष की पत्नी से मुलाकात की.
  5. 10 अक्टूबर की शाम रामगढ़ताल पुलिस ने इंस्पेक्टर जेएन सिंह और दरोगा अक्षय मिश्रा को गिरफ्तार किया.
  6. 12 अक्टूबर को पुलिस ने दरोगा राहुल दुबे और कांस्टेबल प्रशांत कुमार को गिरफ्तार किया.
  7. 13 अक्टूबर को पुलिस ने मुख्य आरक्षी कमलेश यादव को गिरफ्तार किया था.
  8. 16 अक्टूबर को पुलिस ने आखिरी आरोपी दरोगा विजय यादव को गिरफ्तार किया.

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