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लखनऊ में 10-10 हजार में बिका अभ्यर्थियों का भविष्य, बिहार का सॉल्वर गैंग भी शामिल

लखनऊ: उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) 2021 का पेपर लीक हुआ. लाखों अभ्यर्थियों के शिक्षक बनने के सपने पर पानी फिर गया. जिस पात्रता परीक्षा में सफलता पाकर नौजवान समाज का भविष्य बदलने का सपना देख रहे थे. उस परीक्षा का पेपर लखनऊ की सड़कों पर 10-10 हजार रुपये में बेचा गया. एसटीएफ की पड़ताल में इस सच का खुलासा हुआ है.

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि लखनऊ के मुंशी पुलिया से टेढ़ी पुलिया इलाके के बीच एक कार में बैठकर पेपर बेचे गए. एजेंट पेपर के लिए ग्राहक ढूंढ कर लाता था. कई जगहों पर 30 से 40 हजार रुपये में भी पेपर बेचा गया. एसटीएफ की टीम ने 4 आरोपियों से 6-6 पन्नों की 2 सेट की फोटो कॉपी और करीब 35 हजार रुपये बरामद किए हैं. अब इन आरोपियों से पेपर खरीदने वालों की जानकारी जुटाकर उनकी तलाश की जा रही है.

उत्तर प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा 2021 का आयोजन बीते रविवार को किया गया था. परीक्षा दो पालियों में सुबह 10 से 12:30 और दोपहर 2:30 से 5:00 बजे के बीच होनी थी. पात्रता परीक्षा के लिए प्रदेश भर में करीब 21 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था. पहली पाली में परीक्षा शुरू होने और प्रश्न पत्र बांटने के चंद मिनट बाद ही इसे रद्द किए जाने की घोषणा कर दी गई. अचानक हुई इस घोषणा से प्रदेश भर में हड़कंप मच गया. परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे अभ्यर्थियों ने हंगामा तक किया. वहीं, विपक्ष ने सरकार की कार्य प्रणाली पर कई सवाल उठाए.

बिहार का सॉल्वर गैंग भी शामिल

एसटीएफ के एक अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी अलग-अलग गैंग से हैं. इसमें कुछ आरोपी बिहार के सॉल्वर गैंग से भी ताल्लुक रखते हैं. यह आमतौर पर परीक्षार्थियों के स्थान पर सॉल्वर को बैठाकर परीक्षा दिलाने का ठेका लेते हैं. प्रयागराज से गिरफ्तार किए गए सॉल्वर गैंग का संचालन राजेंद्र पटेल, नीरज शुक्ला और चतुर्भुज करते हैं. यह परीक्षा में बैठाने से लेकर पास कराने तक का पूरा ठेका लेते हैं. एसटीएफ की पड़ताल में सामने आया है कि करीब 11 सॉल्वर बिहार से बुलाए गए थे. दूसरे के स्थान पर परीक्षा देने वाले थे.

सचिवालय से जुड़े हैं तार

पेपर लीक कांड में एसटीएफ की टीम अब सचिवालय में भी पूछताछ में जुटी हुई हैं. असल में, इस ग्रुप का सक्रिय सदस्य है संतोष यादव. यह सचिवालय में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग में संविदा पर कार्यरत है. इसी विभाग का एक बर्खास्त कर्मचारी ही इस गिरोह का सरगना भी है. एसटीएफ अब इसकी तलाश में जुटी हुई है. एसटीएफ टीम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अब पेपर खरीदने वाले लोगों की तलाश की जा रही है और जल्द ही गिरफ्तारियां की जाएगी.

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