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अगले हफ्ते भारत आ रहे राष्ट्रपति पुतिन, रूसी अधिकारी का दावा- भारत के साथ 10 द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर करेगा रूस

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अगले हफ्ते भारत के दौरे पर आने वाले हैं. रूसी राष्ट्रपति पुतिन के दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच वार्ता के बाद भारत और रूस कुछ अर्ध-गोपनीय समेत विभिन्न क्षेत्रों में 10 द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर करेंगे.

रूसी समाचार एजेंसी TASS ने राष्ट्रपति पुतिन के सहयोगी यूरी उशाकोव के हवाले से कहा कि लगभग 10 द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे, जो काफी महत्वपूर्ण हैं और इनमें कुछ अर्ध-गोपनीय समझौते भी शामिल हैं. उन्होंने कहा, “इन पर अभी भी काम चल रहा है. हमें विश्वास है कि इस दौरे के हिस्से के रूप में समझौतों के पैकेज पर हस्ताक्षर किए जाएंगे.”

संभावित समझौतों का खुलासा नहीं

रूसी समाचार एजेंसी के अनुसार, यूरी उशाकोव ने संभावित समझौतों का नाम लेने से इनकार कर दिया क्योंकि उन्हें अभी भी अंतिम रूप दिया जा रहा है, साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वे अधिकांश विविध क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों के विकास के लिए बेहद अहम हैं.

राष्ट्रपति पुतिन सालाना भारत-रूस शिखर सम्मेलन के लिए सोमवार (6 दिसंबर) को नई दिल्ली पहुंच रहे हैं. नवंबर 2019 में ब्रासीलिया में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS summit) के इतर बैठक के बाद रूसी राष्ट्रपति पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह पहली व्यक्तिगत बैठक होगी.

सोमवार को भारत-रूस शिखर सम्मेलन

पुतिन की यात्रा से पहले, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि भारत और रूस के प्रमुखों के साथ-साथ दोनों देशों के रक्षा तथा विदेश मामलों के मंत्रियों के बीच सोमवार को नई दिल्ली में कई बैठकें होंगी.

दिन की शुरुआत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव तथा रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु, सैन्य-तकनीकी सहयोग पर अंतर सरकारी आयोग के सह-अध्यक्षों की बैठक से होगी. 21वां सालाना भारत-रूस शिखर सम्मेलन 6 दिसंबर की दोपहर को होगा.

नेता राज्य और द्विपक्षीय संबंधों की संभावनाओं की समीक्षा करेंगे तथा दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा करेंगे. अरिंदम बागची ने कहा कि पुतिन और पीएम मोदी के पास आपसी हित के क्षेत्रीय बहुपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करने का अवसर होगा.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि शिखर सम्मेलन के अंत में, दोनों देश की ओर से एक संयुक्त बयान जारी किया जाएगा, जो शिखर सम्मेलन के दौरान और पूर्व संध्या पर किए गए समझौतों और चर्चा के बारे में जानकारी देगा.

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