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संसद में विपक्ष ने उठाया नागालैंड फायरिंग का मुद्दा, कहा- यह संवेदनशील मामला, सरकार बोली- गृह मंत्री देंगे विस्तृत बयान

नागालैंड में सुरक्षालबों की तरफ से की गई फायरिंग की घटना में एक जवान समेत 15 लोगों की मौत का मुद्दा संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान सोमवार को राज्यसभा में उठा. राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने पूरे मामले को उठाते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह से विस्तृत जवाब देने की मांग की. खड़गे ने कहा- “हम मांग करते हैं कि संसद के दोनों सदनों में केन्द्रीय गृह मंत्री घटना में बारे में विस्तृत जानकारी दें, ऐसी हम उम्मीद करते हैं. यह एक बेहद ही संवेदनशील मुद्दा है. ऐसा नहीं होना चाहिए. उन्हें अवश्य यह जवाब देना चाहिए कि क्यों ऐसा हुआ है.”

दूसरी तरफ, प्रश्नकाल आरंभ होते ही लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने भी नागालैंड में गोलीबारी का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि नगालैंड में जो घटना घटी है, वह दुखद और शर्मनाक है. चौधरी ने पूछा कि नगालैंड में शांति बहाली को लेकर दावे किए गए थे, उनका क्या हुआ? कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘ बेनुगाह लोगों की जान गई है. यह मुद्दा सदन में आना चाहिए. इसकी गंभीरता को देखते हुए गृह मंत्री के साथ रक्षा मंत्री को जवाब देना चाहिए.’’

नागालैंड घटना पर गृहमंत्री से बयान की मांग

इधर, राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि वह इस मुद्दे पर बयान देंगे. उन्होंने कहा कि यह काफी गंभीर मुद्दा है. वेंकैया नायडू ने आगे कहा कि विपक्ष के हंगामे के चलते कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा नहीं हो पा रही है और इसी वजह से सदन की कार्रवाई बार-बार बाधित हो रही है. इसके साथ ही, विपक्ष राज्यसभा 12 सांसदों के निलंबन के मुद्दे पर राज्यसभा में हंगामा कर रहा है. राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है.

नागालैंड की घटना पर पीएम मोदी की मंत्रियों संग बैठक

इधर, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संसद भवन में नगालैंड हिंसा पर बैठक की. इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण समेत कई केंद्रीय मंत्री मौजूद थे. बैठक में नागालैंड समेत संसद की रणनीति को लेकर चर्चा हुई. गौरतलब है कि नागालैंड के मोन जिले में एक के बाद एक गोलीबारी की तीन घटनाओं में सुरक्षाबलों की गोलियों से कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि 11 अन्य घायल हो गए. पुलिस ने रविवार को बताया कि गोलीबारी की पहली घटना संभवत: गलत पहचान का मामला थी. इसके बाद हुए दंगों में एक सैनिक की भी मौत हो गई.

गोलीबारी की पहली घटना तब हुई जब शनिवार शाम कुछ कोयला खदान कर्मी एक पिकअप वैन में सवार होकर गाना गाते हुए घर लौट रहे थे. सेना के जवानों को प्रतिबंधित संगठन नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड-के (एनएससीएन-के) के युंग ओंग धड़े के उग्रवादियों की गतिविधि की सूचना मिली थी और इसी गलतफहमी में इलाके में अभियान चला रहे सैन्यकर्मियों ने वाहन पर कथित रूप से गोलीबारी की, जिसमें छह मजदूरों की जान चली गई.

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